राम मंदिर केस की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : कमलेश्वर पटेल

राम मंदिर केस की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : कमलेश्वर पटेल

रायपुर। राम मंदिर में चंदा और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) सदस्य एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर जुटाई गई श्रद्धालुओं की आस्था और धन के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में कमलेश्वर पटेल ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा से चंदा दिया था, लेकिन अब चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ियों की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है।

*कांग्रेस ने उठाए कई सवाल*

कांग्रेस ने पूछा कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन लेगा। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने में आपत्ति क्यों है।

*पांच प्रमुख मांगें रखीं*

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं—

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।

कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट बनाया जाए।

चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और खर्च का फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

*दीपक बैज ने भी साधा निशाना*

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा पहले राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और अब मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रवक्ता मौजूद रहे।