आज का पंचांग : भौमवती अमावस्या,स्नान,दान, श्राद्ध का महत्व

आज का पंचांग  : भौमवती अमावस्या,स्नान,दान, श्राद्ध का महत्व

श्री गणेशाय नम:
आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल
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श्रीकाशीविश्वनाथ पञ्चाङ्
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*मंगलवार, १४ जुलाई २०२६ई०*
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*सूर्योदय  :  ०५:१६*
*सूर्यास्त   :  ०६:४४*
*श्रीसंवत्  :  २०८३*
*श्रीशकः  :  १९४८*
*सम्वत्सरः :  रौद्र*
*ऋतु:   :  ग्रीष्म*
*अयन  :  उत्तरायण*
*महीना  :  आषाढ़*
*पक्ष     :   कृष्ण*
*तिथि  :  अमावस्या - दिन में ०३:३६ तक तदुपरान्त प्रतिपदा*
*वार  :  मंगलवार*
*नक्षत्र  : ‌ पुनर्वसु - रात में ०१:५१ तक तदुपरान्त पुष्य*
*योग  :  व्याघात - दिन में ०१:४० तक तदुपरान्त हर्षण*
*प्रथम करण  :  नाग*
*द्वितीय करण : किं*
*सूर्य राशि  :  मिथुन*
*नक्षडत्र का सूर्य :  पुनर्वसु*
*चन्द्र राशि  :   मिथुन - रात में ०८:१४ तक तदुपरान्त कर्क*
*राहुकाल :  ०३:०० से ०४:३० तक*
*दिशाशूल :  उत्तर दिशा*
*दिशाशूल :  मंगलवार को यात्रा से पूर्व धनिया खाए, तो यात्रा सुखपूर्वक होगी*
             *दिशा शूल के निवारन के लिए लोकाचार के नियमों का पालन अवश्य करें. जो व्यक्ति प्रतिदिन अपनी नौकरी या व्यवसाय के लिए यात्रा करते है. वह भी इस बात का ध्यान रखे कि घर से निकलते समय नासिका (नाक) का जो स्वर चलता हो, उसी तरफ का पैर आगे रख कर यात्रा में निकलने से सभी दिशा शूल का दोष समाप्त हो जाता है. तथा प्रत्येक व्यक्ति जब भी यात्रा करनी हो उसी समय का नासिका का जो स्वर चल रहा हो और उसी तरफ का पैर आगे बढ़ा कर यात्रा में निकलता है तो दिशा शूल का प्रभाव मिट जाता है