छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का मिशन 2028 : 10 दिन का प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी करेंगे मार्गदर्शन

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का मिशन 2028 : 10 दिन का प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी करेंगे मार्गदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पार्टी राज्यभर में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। पार्टी मुख्यालय से जारी पत्र के अनुसार 21 जून से 30 जून  तक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राहुल गांधी ने भी इसमें शामिल होने की सहमति दे दी है और वे एक दिन शिविर में पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

संगठन को धार देने की तैयारी

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा तैयार की गई है।

शिविर में पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया की भूमिका, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

सभी पदाधिकारियों की मौजूदगी होगी जरूरी

केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, सभी जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं से प्रशिक्षण शिविर में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन का हर स्तर इस अभियान से जुड़े और इसका लाभ उठाए।

राहुल गांधी का दौरा बढ़ाएगा सियासी गर्मी

राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के साथ-साथ आगामी चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति और दिशा भी स्पष्ट करेंगे।

कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर के जरिए न केवल संगठन को मजबूत करना चाहती है, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से सक्रिय मोड में लाने की कोशिश भी कर रही है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह अगले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से संगठन को मैदान में उतारने की रणनीति पर काम शुरू कर चुकी है, और राहुल गांधी की मौजूदगी इस अभियान को और अधिक राजनीतिक महत्व दे सकती है।