रायपुर बनेगा कैंसर उपचार का बड़ा केंद्र: रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण

रायपुर बनेगा कैंसर उपचार का बड़ा केंद्र: रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स ने अपने राष्ट्रीय ऑन्कोलॉजी सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के दौरान आगामी रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण किया। अगस्त 2026 से शुरू होने वाला यह संस्थान कैंसर के उन्नत उपचार, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। इससे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद या अन्य महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी।

दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 600 से अधिक ऑन्कोलॉजिस्ट, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवर शामिल हुए। कार्यक्रम को मध्य भारत में कैंसर उपचार सुविधाओं को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया अनावरण

रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के मैनेजिंग एवं क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे, रीजनल सीईओ हरेश त्रिवेदी, वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रवि जायसवाल, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मौ रॉय, डॉ. नवीन जैन, वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. गौरव गुप्ता तथा देशभर के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

बढ़ते कैंसर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्नत जांच, रेडिएशन थेरेपी और विशेष कैंसर उपचार के लिए अब भी बड़ी संख्या में मरीजों को बड़े शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में नया कैंसर इंस्टीट्यूट क्षेत्रीय स्तर पर अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस कमी को दूर करेगा।

संस्थान में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन और सपोर्टिव केयर जैसी सेवाएं एकीकृत मॉडल के तहत संचालित की जाएंगी। मरीजों को जांच से लेकर उपचार और फॉलोअप तक की सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।

दुनिया की उन्नत रेडिएशन तकनीक होगी उपलब्ध

रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक अत्याधुनिक Versa HD रेडिएशन लिनैक मशीन होगी। इसे दुनिया के सबसे उन्नत रेडिएशन थेरेपी प्लेटफॉर्म्स में शामिल किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक कैंसर कोशिकाओं को अधिक सटीकता के साथ लक्षित करने में सक्षम है, जिससे स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है और उपचार अधिक प्रभावी बनता है। इससे मरीजों को व्यक्तिगत और आधुनिक उपचार का लाभ मिलेगा।

रायपुर को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान वाला कैंसर हब

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्नत सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान क्षेत्र में कैंसर उपचार अधोसंरचना को मजबूत करने और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वहीं डॉ. संदीप दवे ने कहा कि पिछले तीन दशकों से रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। बढ़ते कैंसर बोझ को देखते हुए तकनीक आधारित और बहु-विषयक कैंसर उपचार सेवाओं का विस्तार आवश्यक हो गया था। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य रायपुर को मध्य भारत के प्रमुख कैंसर उपचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

रीजनल सीईओ हरेश त्रिवेदी ने कहा कि यह संस्थान मध्य भारत में ऑन्कोलॉजी सेवाओं को नई मजबूती देगा और रायपुर को विशेष कैंसर उपचार के एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में विकसित करेगा।

कई राज्यों के मरीजों को मिलेगा लाभ

रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान से मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड सहित मध्य भारत के अन्य राज्यों के मरीजों को भी फायदा मिलेगा। इससे उन्हें उन्नत उपचार के लिए दूर-दराज के महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

ऑन्कोस्फीयर 2.0 में नई तकनीकों पर मंथन

‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के पहले दिन प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, स्तन कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर और यूरो-ऑन्कोलॉजी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चा और बहु-विषयक विमर्श आयोजित किए गए।

सम्मेलन का दूसरा दिन 14 जून को होगा, जिसमें कैंसर उपचार के क्षेत्र में उभरती तकनीकों, शोध और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।