वरिष्ठ पत्रकार विभाष कुमार झा को ओशो पर सघन शोध के लिए मिली पीएच.डी. की उपाधि
रायपुर। वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया शिक्षक विभाष कुमार झा को श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई (जिला दुर्ग) द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की गई है। डॉ. झा ने ‘आध्यात्मिक संचार में ओशो का योगदान : एक समग्र अध्ययन"’ विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह शोध कार्य उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शोध निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. धनेश जोशी के निर्देशन में संपन्न किया। डॉ. झा का शोध आध्यात्मिक संचार के क्षेत्र में ओशो के विचारों, उनकी संप्रेषण शैली तथा समाज पर उनके प्रभाव का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करता है। जनसंचार विषय के अंतर्गत ओशो पर केन्द्रित यह देश में दूसरा शोध अध्ययन है। डॉ विभाष ने अपने शोध कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ लक्ष्मीशंकर निगम के योगदान और मार्गदर्शन को विशेष रूप से रखांकित किया है।
डॉ विभाष हिंदी तथा अंग्रेजी पत्रकारिता में 38 वर्ष से सक्रिय हैं। पत्रकारिता में शोधपूर्ण लेखन के लिए वे 2002 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चंदूलाल चंद्राकर फेलोशिप, 2004 में नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया, नई दिल्ली द्वारा नेशनल मीडिया फेलोशिप, 2006 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा राष्ट्रीय मीडिया फेलोशिप हेतु चयनित हो चुके हैं। उन्हें 2008 में ‘राष्ट्रीय सरोजिनी नायडू राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’, 2010 में केन्द्र सरकार का ‘भारतेंदु हरिशचंद्र पत्रकारिता पुरस्कार’ सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ हिंदी ग्रंथ अकादमी से उनकी दो पुस्तकों- ‘हिंदी पत्रकारिता का इतिहास- छत्तीसगढ़’ तथा प्रदेश के सन्दर्भ-ग्रन्थ ‘छत्तीसगढ़ समग्र’ का प्रकाशन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उन्होंने दो अन्य शोध आधारित पुस्तकों का लेखन भी किया है। सम्प्रति वे रायपुर के एक अंग्रेजी दैनिक में सेवाएँ देने के साथ ही रायपुर आकाशवाणी के प्रादेशिक समाचार एकांश में नैमित्त्तिक समाचार वाचन एवं रायपुर दूरदर्शन में समाचार संपादन कार्य से संबद्ध हैं।
डॉ विभाष ने अपने इस पीएच.डी की उपाधि को अपने माता पिता स्व.देवनारायण झा एवं स्व. मंजूरानी झा के आशीर्वाद से एवं उनके संघर्षो का प्रतिफल से संभव होना बताया और यह उपाधि उन्हे समर्पित किये हैं ।
उनकी इस उपलब्धि पर मैथिल ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित विजय कुमार झा, सचिव पंकज भावेश झा और कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र सहित समाज एवं छत्तीसगढ़ के ख्याति नाम इतिहासकार डा. रमेंद्र नाथ मिश्र के साथ-साथ उनके अनुज मनीष प्रेरणा झा और जीवनसंगनी निधि झा का भी अहम योगदान रहा है। आपको अपने मित्रों और मैथिल ब्राह्मण समाज के समस्त स्वजनों का स्नेह रूपी आशीर्वाद के बधाई और शुभकानाएं संदेश लगातार मिल रहें हैं। आपने अपने सभी स्वजनों को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया हैं।
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