पप्पू यादव के बयान से गरमायी देश की राजनीति, महिला और चुनाव आयोग की एंट्री,सांसद से मांगा गया है जवाब
पटना। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के आपत्तिजनक बयान ने देश की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। महिलाओं को लेकर दिए गए उनके विवादित बयान के बाद सियासी गलियारों में घमासान मच गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष—दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं महिला संगठनों ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
क्या है पूरा मामला
पप्पू यादव ने राजनीति में सक्रिय महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक करियर पर सवाल उठाए। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विवाद गहरा गया।
नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
इस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे “बीमार मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन” बताया।
कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने भी इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए पप्पू यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की।
जदयू और बीजेपी के नेताओं ने भी बयान की निंदा करते हुए इसे समाज और राजनीति दोनों के लिए शर्मनाक बताया है।
महिला आयोग और चुनाव आयोग की एंट्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है।
इसके अलावा चुनाव आयोग ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है।
पप्पू यादव अपने बयान पर कायम
विवाद बढ़ने के बावजूद पप्पू यादव अपने बयान से पीछे हटते नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ते हैं और “90 प्रतिशत महिलाएं उनके समर्थन में हैं।”
सियासत में बढ़ा टकराव
इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कई नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ नेताओं ने इसे उनकी “पुरानी विवादित छवि” से जोड़कर भी देखा है।
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