डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बस्तर के विकास में सभी से मांगा सहयोग,कहा-देवस्थलों का होगा स्थायी रिकॉर्ड,पेसा क्रियान्वयन पर जोर

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बस्तर के विकास में सभी से मांगा सहयोग,कहा-देवस्थलों का होगा स्थायी रिकॉर्ड,पेसा क्रियान्वयन पर जोर

रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के समग्र विकास, सामाजिक एकता और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा की। बैठक में पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, पारंपरिक देवस्थलों के संरक्षण और भटके हुए युवाओं के पुनर्वास सहित कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों से होती है। बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में मिली सफलता समाज, सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में वर्षों से बंद पड़े मेला-मड़ई, हाट-बाजार फिर से आबाद हो रहे हैं और ग्रामीण खुद को पहली बार भयमुक्त महसूस कर रहे हैं।

197 गांवों के देवस्थलों का होगा राजस्व रिकॉर्ड में दर्जीकरण

विजय शर्मा ने बताया कि आदिवासी आस्था के केंद्र देवस्थलों को संरक्षित करने के लिए 197 गांवों के देवस्थलों का राजस्व रिकॉर्ड में चिन्हांकन कर स्थायी पंजीयन कराया जा रहा है। इससे इन स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

सुरक्षा कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र

उन्होंने कहा कि कुछ लोग बस्तर के विकास को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों और स्थानीय युवाओं की भागीदारी से विकास मॉडल पर काम कर रही है। इसी कड़ी में सुरक्षा कैंपों को चरणबद्ध तरीके से सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान के सहयोग से स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

पेसा एक्ट को मजबूत करने पर फोकस

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर पेसा मोबिलाइजर और कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने की पहल की है, ताकि पेसा एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

जेल से भी होगा पुनर्वास

बैठक में समाज प्रमुखों ने भटके हुए युवाओं के पुनर्वास का मुद्दा उठाया। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने जेल में बंद युवाओं के लिए भी पुनर्वास की व्यवस्था शुरू की है। अब पुनर्वासित युवा स्वयं जेल जाकर अन्य युवाओं को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने और संवाद के माध्यम से विवादों के समाधान पर भी जोर दिया।

सांसद भोजराज नाग ने कहा कि विकास के साथ स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने समाज और प्रशासन के समन्वय से बस्तर के विकास को आगे बढ़ाने की बात कही।

बैठक में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे। उपमुख्यमंत्री ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने और समाज की सहभागिता से बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।

बैठक में राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, विधायक विक्रम उसेंडी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी सहित विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।